® ज्ञान-राशि
का संचित कोश ही साहित्य है। साहित्य ही किसी भी देश,
जाति और वर्ग को जीवंत रखने का- उसके अतीत रूपों को दर्शाने का
एकमात्र साक्ष्य होता है। यह मानव की अनुभूति के विभिन्न पक्षों को स्पष्ट करता है
और पाठकों एवं श्रोताओं के हृदय में एक अलौकिक अनिर्वचनीय आनंद की अनुभूति उत्पन्न
करता है।
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