(ग) उद्देश्यसूचक। (घ) स्वरूपसूचक।
(क) कारणसूचक- दो उपवाक्यों को परस्पर
जोड़कर होने वाले कार्य का कारण स्पष्ट करने वाले शब्दों को कारणसूचक कहते
हैं। जैसे- कि, क्योंकि, इसलिए, चूँकि, ताकि आदि।
(ख) संकेतसूचक- जो दो योजक शब्द दो
उपवाक्यों को जोड़ने का कार्य करते हैं, उन्हें संकेतसूचक
कहते हैं। जैसे- यदि....तो, जा...तो, यद्यपि....तथापि, यद्यपि...परन्तु आदि।
(ग) उदेश्यसूचक- दो उपवाक्यों को
परस्पर जोड़कर उनका उद्देश्य स्पष्ट करने वाले शब्द उद्देश्यसूचक कहलाते
हैं। जैसे- इसलिए कि, ताकि, जिससे
कि आदि।
(घ) स्वरूपसूचक- मुख्य उपवाक्य का अर्थ
स्पष्ट करने वाले शब्द स्वरूपसूचक कहलाते हैं। जैसे- यानी, मानो, कि, अर्थात् आदि।
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